Rakshabandhan Par Nibandh – रक्षाबंधन

यहाँ रक्षाबंधन पर निबंध  (Rakshabandhan Par Nibandh) उपलब्ध है। यहाँ से किसी भी कक्षा का विधार्थी निबंध तैयार कर सकता है। 100 शैडो से लेकर 800 शब्दों तक का निबंध यहाँ लिखा गया है।asha है ये आपके लिए मददगार होगा।

 

 

रक्षाबंधन निबंध – Rakshabandhan Par Nibandh 

 

प्रस्तावना

प्रेम भावना और आत्मीयता जैसे शब्द एक दूसरे से जोड़ते है। आज की परिस्थिति में निस्वार्थ प्रेम बहुत कम दिखाई देता। जहा मनुष्य पद प्रतिष्ठा पावर और पैसे के लिए भागता रहता है, वहां बिना किसी बजह प्रेम करना असंभव लगता है। पर आज भी कुछ रिश्ते है जहा हमें निश्वार्थ प्रेम का दर्शन होता है।

मा बाप  को आशा होती है की बच्चे बड़े होकर उनका पालन पोषण करेंगे। बच्चो को उम्मीद होती है की हमें जायदाद में हिस्सा मिलेगा। पत्नी को पतिसे उम्मीदे होती है, और पति को पत्नी से। ये सारे रिस्तो से ऊपर कोई रिस्ता हे तो वो भाई बहन का रिस्ता। जिसमे न कुछ लेने की उम्मीद है न कुछ देने की उम्मीद है। इस पवित्र रिश्ते को त्यौहार के रूप में हम रक्षाबंधन कहते है।

रक्षाबंधन का अर्थ होता है किसी की रक्षा करने के लिए बांधा जाने वाला धागा।

रक्षाबंधन की तैयारियां

रक्षाबंधन का इंतजार प्रत्येक भाई बहन करता है ।

राखी बनाने वाले कही महीनो पहले राखी बनाके बाजार ले आते है ।

बाजार की दुकानों में रंगबेरंगी राखी लटकती हुई दिखती है।

मिठाई बनाने वाले नयी मिठाई बना लेते है।

जो बहन अपने ससुराल रहती है उसे दुगनी ख़ुशी होती है। एक तो अपने माइके जाना है। दूसरा अपने जिगर के टुकड़े को राखी बांधना है।

भाई अपनी बहन का इंतजार करता है और बहन के लिए कोई अच्छासा उपहार खरीद ता है।

 

भारत में कैसे मनाते है रक्षाबंधन ?

रक्षाबंधन के दिन बहन पूजा की थाली सजाती है। उसमे कुमकुम, अक्षत, राखी एवं मिठाई रखती है। पाने भैया को किसी आसान या बाजठ पे बिठाती है। दाहिने हाथ में राखी बांधती है। कंकु से तिलक करती है उसपे अक्षत लगाती है। अपने भाई को मिठाई खिलाती है और भाई अपनी बहन को मिठाई खिलाता है। भाई अपनी बहन को कुछ उपहार देता है।

राखी रक्षा के लिए होती है। बहन अपने भाई की रक्षा के लिए ये राखी बांधती है। और भाई जीवनभर अपनी बहन की रक्षा का विश्वास दिलाता है। और हर सुख दुःख में साथ देने का वादा करते है।

हमारे देश में यह पर्व जाती धर्म से ऊपर है। किसी भी जाती या धर्म की स्त्री किसी भी जाती या धर्म के व्यक्ति को अपना भाई बना सकती है। राखी बांधने से भाई बहन के प्रेम पवित्र धागे से बंध जाता है।

रक्षाबंधन का त्यहार हमारे प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति आवास पर भी मनाया जाता है। छोटे बच्चे हमारे प्रधानमंती एवं राष्ट्रपति को राखी बांधते है। और देश को सुरक्षित रखने की कामना करते है।

हमारे देश के नौजवान सैनिक देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर रहते है। हमारे रक्षा मंत्री सैनिको के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाना उचित समजते है।

रक्षाबंधन के दिन ब्राह्मण अपनी जनोई बदलते है।

लोग अनाज का दान करते है और  गौ माता को गन्ने खिलते है।

 

कैसे शरू हुआ रक्षाबंधन का त्यौहार ? पौराणिक कथा

हिन्दू शास्त्रों में स्कंध पुराण, श्री मदभागवत के वामन अवतार एवं पद्मपुराण में रक्षाबंधन का उल्लेख है। भविष्य पुराण में कहा है की देव और दानवो का युद्ध होरहा था। इस युद्ध में देवी की पराजय दिख रही थी ऐसे वक्त में भगवान इन्द्र की पत्नी ने इन्द्र को रक्षा का धागा बंधा था। कहते के की इस पवित्र रक्षा कवच के कारन देवो ने दानवो को पराजित किया था।

महाभारत में कृष्ण भगवान ने शिशुपाल का वध किया था। सुदर्शन चलने के कारन उनकी ऊँगली से खून बहने लगा था। उस वक्त द्रोपदी में अपनी साड़ी फाड् कर बांधा और बेहटा हुआ खून बंध किया था। तब भगवान कृष्ण ने द्रोपदी की रक्षा करने का वचन दिया था।

एक कथा यह भी है की राजा बलि दानवीर और अभिमानी थे। उसने स्वाग का राज्य छीनने का प्रयास किया था। भगवान विष्णुने वामन अवतार में उनसे तीन पग भूमि मांग ली। तीन पग में आकाश पाताल और पृथ्वी पर रख दिया और बलि राजा को रसातल में भेज दिया था। बलि के घमंड भगवान ने उतरा था इसीलिए इसे बलेव भी कहा जाता है।

महाभारत के युद्ध में माता कुंती ने अभिमन्यु को रक्षा बांधी थी। कहते है जब तक रक्षाकवच था तब तक अभिमन्यु लड़ता रहा। राखी टूट जाने के बाद युद्ध में उसका वध किया गया था।

निष्कर्ष 

आजके आधुनिकता में भी यह त्यौहार धूम धाम से ही मनाया जाता है। सरकारी एवं गैर सरकारी दफ़्तरोंमे छूती होती है। दूर विदेश में रहने वाले भइओ को राखी पहले से ही पोस्ट करदी जाती है। राखी की खरीदारी भी ऑन लाइन होती है। भाई बहन का निस्वार्थ प्रेम सदीओ से चलता आ रहा है और चलता रहेगा।

 

रक्षाबंधन – Rakshbandhan Esaay in Hindi

रक्षाबंधन हमारे देश का प्रिय और पवित्र त्यौहार है। हर साल सावन महीने के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्ष्बंधन का त्यौहार भाई बहन का परित्र प्रेम का त्यहार है। राखी के धागे हमारे मन में स्नेह और आत्मीयता जगाते है।

इस त्यौहार के बारेमे कही पौराणिक कथा प्रचलित है। एक कथा के अनुशार देवराज इंद्रा की पत्नी सच्ची ने इसी दिन रक्षा सूत्र बांधा था।is एकता के बल पर देवता ओ ने असुरो पे विजय पायी थी। एक अन्य कथा अनुशार श्रावणी पूनम के दिन ऋषि मुनि अपनी साधना की पूर्णाहुति करते थे।

इस अवसर पर ऋषि राजाओ को कलाई पर राखी बांधकर आशीर्वाद देते थे। रक्षा बंधन के बारे में एक और कथा प्रचलित है। इस दिन भगवन विष्णु ने राजा बलि का घमंड चूर चूर कर दिया था। इसीलिए गुजरात में रक्षाबंधन के पर्व को बलेव कहते है।

महाराष्ट्र में यह त्यौहार नारियल पूर्णिमाके रूप में मनाया जाता है। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई बहन का स्नेह निखार उठता है। इसी दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। वह अपने भाई के लिए मंगल कामना करती है।

भाई प्यारसे बहन को उपहार देता है। रक्षाबंधन के दिन भाई बहन बचपन की यादो में खो जाते है। घर घर में खुशियों के फूल महक उठते है।

आज समय बदल गया है। रखियो में व्यावसायिकता आगयी है। धन कमाने के लिए एक से बढ़कर एक कीमती रखिये बनायीं जाती है। रक्षाबंधन के त्यहार में स्नेह और रक्षा करने की भावना का महत्व है।

सचमुच रक्षाबंधन पारिवारिक एवं सामाजिक एकता का सुन्दर पर्व है।

 

राखी पर निबंध – Rakshbandhan Festival Nibandh

 

रक्षाबंधन हिन्दुओ का प्रसिद्ध त्यौहार है। रक्षाबंधन को राखी भी कहा जाता है। यह तहेवार सावन महीने की पूनम के दिन मनाया जाता है। रक्षाबंधन भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतिक है। रक्षाबंधन का अर्थ रक्षा का बंधन।

इस दिन बहन अपने भाई के माथे पे तिलक लगाके कलाई पर राखी बांधती है। बहन भाई के स्वस्थ और समृद्धि के लिए प्राथना करती है। भाई बी अपनी बहन को हर मुसीबत से बचने का वचन देता है। राखी बांधने पर भाई अपनी बहन को उपहार देता है।  बहन भी अपने भाई को स्वादिष्ट भोजन खिलाती है।

भारत देश में रक्षाबंधन को अलग अलग प्रान्त में अलग अलग नाम से जाना जाता है। आज बाजार में अनेक प्रकार की राखिया मिलती है। इंटरनेट की सुविधा से ों लाइन राखी भेजी जा सकती है।

आज के सिमित परिवार में केवल भाई बहन की राखी बांधने सिमित नहीं रखा।  बल्कि माता पिता गुरुभाई शिष्य अदि को भी हम राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह बढ़ा सकते है। पेड़ पोंधो को भी राखी बांधकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकते है।

रक्षाबंधन भारतीय परम्पराओ का एक ऐसा पर्व है जो भाई बहन के स्नेह के साथ साथ हर सामाजिक सम्बन्ध को मजबूत करता है। और सामाजिक एकता को बढ़ाता है।

 

 

रक्षाबंधन – Rakshbandhan Hindi Essay

 

रक्षा बंधन हमारे देश का प्रमुख त्यौहार है। यह हर साल सावन महीने की पूर्णिमाके दिन मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्यौहार भाईबहन के पवित्र प्रेम का प्रतिक है।

भाई बहन के पवित्र प्रेम का उत्तम दिवस याने रक्षा बंधन । सनातन हिन्दू धर्म की यह विशेषता है की सबंधो को त्यौहार के साथ जोड़ा गया है। इससे त्यौहार की तो विशेषता बढ़ती है, साथ में सम्बन्ध भी मधुर बनते है। इसमें भाई बहन का त्यौहार भाईदूज हो, या रक्षाबंधन ये दोनों का विशेष महत्व है। रक्षाबंधन भाई बहन का पवित्र प्रेम की निशानी है

रक्षाबंधन का त्यौहार तो सावन महीने की पूर्णिमाके दिन मनाया जाता है। पर उसकी तैयारी कुछ दिन पहले ही शरू हो जाती है। बाजार में रंगबेरंगी राखिया दिखने लगती है। बहन अपने भाई के लिए राखिया खरीदती है। और मिठाई खरीदती है।

जो भाई बहन के पास नहीं रहती याने जिस बहन का विवाह हो गया हो, वो बहने अत्यधिक खुश होती है। कही दिनों पहले ससुराल से मायके भाई के पास जाने की तैयारी हो जाती है। उधर भाई भी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहन का इंतजार करता है।

इस त्यौहार के बारेमे कही पौराणिक कथाये प्रचलित है।

एक कथा के अनुशार देवराज इंद्रा की पत्नी शची ने सभी देवताओ को रक्षा सूत्रबांधा था। इस रक्षा सूत्र के बल पर देवता ओ ने असुरो ने विजय पायी थी।

एक अन्य कथा के अनुशार श्रावणी पूर्णिमा के दिन ऋषिमुनि अपनी साधना की पूर्णाहुति करते है। इस अवसर पे वो राजाओ की कलाई पे राखी बांधकर उन्हें आशीर्वाद देते थे।

रक्षाबंधन के बारेमे एक और कथा प्रचलित है। इसीदिन भगवान विष्णु ने राजा बलि का घमंड चूर चूर कर दिया था। इसलिए रक्षाबंधन के पर्व को बलेव कहते है।

रक्षाबंधन के अवसरपर भाई बहन का स्नेह निखर उठता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई प्यार से बहन को उपहार देता है। रक्षाबंधन के दिन भाई बहन की बचपन की यादो ताजा होती है।

आज समय बदल गया है। रखियो में भी वव्यसायिकता आ गयी है। धन कमाने के लिए एक से बढ़कर एक कीमती राखिया बनायीं जाती है।

वास्तव में रक्षाबंधन पारिवारिक एवं सामाजिक एकता का एक सुन्दर एवं पवित्र पर्व है।

 

 

रक्षाबंधन निबंध पर 10 लाइन

 

1 – रक्षाबंधन भाई बहन के पवित्र प्रेम का त्यौहार है।

2 – रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है। और मिठाई खिलाती है।

3 – भाई अपनी बहन को कोई उपहार देता है।

4 – हमारे देश में रक्षाबंधन का त्यौहार  नात जाट धर्म से ऊपर माना जाता है।

5 – दूर रहने वाले भाई को बहन पोस्ट के द्वारा राखी भेजती है।

6 – हमारे प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति भी रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते है।

7 – रक्षाबंधन के दिन ब्राह्मण अपनी जोई बदलते है।

8 – रक्षाबंधन का त्यौहार पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है।

9 – रक्षाबंधन के दिन दान का विशेष महत्व है।

10 – रक्षाबंधन भाई बहन के निस्वार्थ प्रेम की निशानी है।

 

आशा है ये रक्षाबंधन का निबंध (Rakshabandhan Par Nibandh) आपको पसंद आया होगा। इसके आलावा कही और निबंध के लिए आप निचे की लिंक पे क्लिक कर सकते है।

 

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